"Kuch Jazbaat" can say everything in its own beautiful way and connected somewhere us to our heart with our deep emotions. It's express our Feeling, Love, Affection, Care, Sorrow and Pain.
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Monday, November 30, 2015

मै अब तेरे लिए कोई कसम ना खाऊंगा

मैं इक मुशफिर हूँ ना जाने किधर जाऊँगा,
इक रोज तेरी बस्ती से खामोश गुज़र जाऊँगा,

बड़े बेमुरब्बत हो गये हैं लोग यहाँ ,
मै इस शहर से कहीं दूर चला जाऊँगा,

तू मुझे देखकर राहें ना बदल,
मै खुद तेरी ज़िंदगी से दूर चला जाऊँगा,

ऐ संगदिल मेरे ज़ज्बात को ग़लत ना समझ,
आज के बाद अपने दिल को में समझाऊँगा,

मैने इक उम्र गुज़ारी है तेरी चाहत में,
तू ही बता में तुझे कैसे भुला पाऊँगा,

तमन्ना है ना कोई अब, ना कोई आरजू है,
मै अब तेरे लिए कोई कसम ना खाऊंगा,

तूने ठुकराया मै पत्थर नही इंसान था ,
मै शीशा भी नही कोई जो बिखर जाऊँगा,

तुझसे शिकवा है मुझे हाँ बड़ी शिकायत है,
सोचता हूँ मै तेरे घर कभी ना जाऊँगा..!!

तू तो पूरा बेवफा भी नही




बिना मोहब्बत कुछ मज़ा भी नही,
इससे बढ़कर कोई सज़ा भी नही,

गुल ये झड़ जाएँगे तो जानोगे,
ये हसीं बागवाँ कुछ भी नही,

मुंतज़िर कौन हो टूटे दिल का,
जिसमें आहों के सिवा कुछ भी नही,

हमने खुद अपनी ख़ताओं की सज़ा पाई है,
जमाने से गिला कुछ भी नही,

मुझे रुलाकर तू खुद भी गमजदा है,
तू तो पूरा बेवफा भी नही,

ज़िंदगी ने भी ये किस मोड़ पर लाकर छोड़ा,
जहाँ सवालों के सिवा कुछ भी नही,

उसके पहलू में कायनात मेरी,
ये जहाँ उसके बिना कुछ भी नही,

गर्मी -ए- हसरातों से ज़िंदा हैं,
दिल में धड़कन के सिवा कुछ भी नही,

हम तो उसकी नज़र के प्यासे हैं,
मयक़दा कुछ भी नही..!!

गैर को सामने मेरे मगर अपना ना कहो

खाक़ ही रहने दो मुझको आसमाँ ना कहो,
फिर मुझे एक बेज़ुबाँ ना कहो,

ये तो गुज़ारिश है आप से साहब,
तुम इसे मेरी इल्तजा ना कहो,

बड़ी मोहब्बत है हमें उनसे हुजूर,
उनके बारे में कुछ बुरा ना कहो,

अभी तो उम्र पड़ी है ये आज़माने को,
अभी से उनको बेवफा ना कहो,

ना मिलो दूर रहो देखो भी ना हमको बेशक़,
पर कभी हमसे अपने आपको जुदा ना कहो,

शौक़ से छोड़ दो मुझको जो छोड़ना चाहो,
गैर को सामने मेरे मगर अपना ना कहो,

तुम खुश रहो आबाद रहो फूलो फलो,
आरजू है ये मेरी तुम इसे दुआ ना कहो,

मेरे हालात मेरी बात पर यकीं तो करो,
मुझपे गुज़री है मेरे दोस्त दास्ताँ ना कहो,

मै मानता हूँ के परवाज़ हुई है मुझसे,
खुदा के वास्ते पर उड़ता परिंदा ना कहो,

खामोश चलना तो जवानी की आदत ही नही,
पट खुल गई जिनकी उन्हें रुस्वा  ना करो,

मै जैसा हूँ जिस हाल में हूँ खुश हूँ ,
बस मेरे सामने अब खुदको तुम खुदा ना कहो...!!

जो खेलने बैठा जुआ मोहब्बत का

जो मेरी दास्तान सुनकर उठा है,
वो अपना दामन भिगोकर उठा है,

बीती रात का उससे अभी हिसाब न लो,
वो अभी जगा है सोकर उठा है,

अभी तुम उसको हँसने की कोशिशें ना करो,
अभी चुपा है वो रोकर उठा है,

जो खेलने बैठा जुआ मोहब्बत का ,
ना पूछो क्या क्या वो खोकर उठा है,

मेरे आने से चल पड़ा जो छोड़कर महफ़िल,
वो मेरे दिल को दुखाकर उठा है,

उसका हाल कुछ नाशाद नज़र आता है,
फिर कोई धोखा वो खाकर उठा है..!!

Thursday, August 6, 2015

साफ दिखती हैं दरारें अब दीवार-ए-इश्क़ में

बेवफा तो बेवफा है वो किसी का भी नही,
जो मेरा ना हो सका वो तेरा होगा..! जी नही,

क्या मिलेगा मुझसे वो अब इतनी रुसवाई के बाद,
वो भी सरमिंदा बहुत है मेरी रज़ा भी नही,

साफ दिखती हैं दरारें अब दीवार-ए-इश्क़ में
सामने शर्म-ओ-हया का कोई परदा भी नही,

ख़त्म हुआ सिलसिला अब छूटे सब फ़िक्र-ओ-ख़याल,
अच्छा हुआ के यार अब कोई वफ़ादारी नही,

थम गयी हो सांस जैसे इस क़दर गुम-सुम हुआ,
हाल मेरा पूछने अब कोई आता भी नही,

बुझ गयी शम्म-ए-तमन्ना मेरी दिल की ,
गम के अंधेरो मे नज़र आता हमें कुछ भी नही..!!

Monday, June 1, 2015

Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya


 
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya
Aaj Bahut Roya Ke Aaram Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya

Lakh Chhupaya Is Jamaane Se
Lakh Chhupaya Is Jamaane Se
Meri Ghazal Mein Aakhir Tera Naam Aaya
Aaj Bahut Roya Ke Aaram Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya

Chhod Di Kab Ki Zindagi Humne
Chhod Di Kab Ki Zindagi Humne
Chhod Ke Jabse Shehar Tera Apne Gaon Aaya
Aaj Bahut Roya Ke Aaram Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya

So Rahe The Chain Se Kabar Mein
So Rahe The Chain Se Kabar Mein
Uth Gaye Sir Pe Achanak Jo Tera Paanv Aaya
Aaj Bahut Roya Ke Aaram Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya

Hashar Ka Din Hai Aaj Jashan Mana
Hashar Ka Din Hai Aaj Jashan Mana
Baandh Ke Sir Pe Kafan Dekho Aaj Maan Aaya
Aaj Bahut Roya Ke Aaram Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya
Mera Gham Hi Aakhir Mere Kaam Aaya

~Babbu Mann~

Saturday, January 31, 2015

ढूंढ रहा हूँ मगर नकाम हूँ अब तक



ढूंढ रहा हूँ मगर नकाम हूँ अब तक......!
वो लम्हा, जिस्मे तुम याद न आये हो.!!
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बस इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है !
हम उस रास्ते नही जाते जो रास्ता आम होता है…!!!!
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जिंदा रहे तो हर दिन तुम्हे याद करेंगे,
भूल गये तो ये
समझ लेना, खुदा ने हमें याद कर लिया..!!

~♥♥~

वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए





वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए.!

मेरे सामने कर दिए मेरे तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए..!!


~♥♥~

Saturday, January 24, 2015

प्यार की बातें, दिल से लगाना छोड़ दिया हमने


प्यार की बातें, दिल से लगाना छोड़ दिया हमने,
बहुत रो लिये, अब आंसू बहाना छोड़ दिया हमने,
बहुत बेवफाइयां झेली हैं इस दिल ने यारो,
हँसना ही क्या, अब तो मुस्कराना छोड़ दिया हमने,
अपनों के दिये ज़ख्मों से बेचैन है ये दिल,
उनके पहलू में, अब सर झुकाना छोड़ दिया हमने
सारी उम्र मुश्किलों से जूझते रहे रात दिन,
अब जमाने को, अपने ग़म बताना छोड़ दिया हमने,
तमाशबीन है ये दुनिया उसका क्या कहिये,
अब मदारी बन, उसे खेल दिखाना छोड़ दिया हमने..!!

~♥♥~

वो रात दर्द और सितम की रात होगी







वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
रूक्सत जिस रात उनकी बारात होगी,
नींद से चोंक उठता हूँ अक्सर मै यह सोचकर,
कि गैर की बाहों मे मेरी कायनात होगी..!!

~♥♥~

फिर किसी की याद ने रात भर जगाया हमको



फिर किसी की याद ने रात भर जगाया हमको,
मोहब्बत की तपिश ने बेमौत जलाया हमको,
न दिन को करार मिला न रात को सुकून,
आखिर क्या गर्ज़ थी खुदा को जो बनाया हमको,
चिराग बनकर हम जलाते रहे उल्फ़त की शमा,
पर नफरत की आंधियों ने हमेशा डराया हमको,
बे-वफाओं से भला क्या करते वफा की उम्मीद,
हमेशा उनके दिये जख़्मों ने गले लगाया हमको..!!

~♥♥~

मोहब्बत के नाम पर, क्यों रुलाते हैं लोग






मोहब्बत के नाम पर, क्यों रुलाते हैं लोग,
सब कुछ लूट कर भी, क्यों भुलाते हैं लोग,
तमाम उम्र जी भर जलाती है ये दुनिया,
फिर भी बाद मरने के बाद, क्यों जलाते हैं लोग..!!

~♥♥~

मत पूछो मेरे दर्द की इन्तहा मुझ से





मत पूछो मेरे दर्द की इन्तहा मुझ से,
ये वो समंदर है जिस मे जहां खो जाता है,
लौटता है तो दर्द को भी बेदर्द पाता है,
और अपनी ही पहचान भूल जाट है..!! 

~♥♥~

जहाँ कभी तस्वीर बसा करती थी उनकी



जहाँ कभी तस्वीर बसा करती थी उनकी,
आज वो दिल खाली और सुनसान पड़ा है...
ग़म के सायों ने घर कर लिया है अपना,
अब तो हर कोने में दर्द का सामान पड़ा है...
कभी ये धड़कता था उनका नाम लेने भर से ,
पर आज उनकी कशिश से अनजान पड़ा है...
जो दिल कभी रोशन था तस्वीर से उनकी,
आज वो अंधेरे में गुमसुम सा बेजान पड़ा है..!!

~♥♥~

Friday, October 31, 2014

Tohfe Mai Mat Gulaab Lekar Aana






Tohfe Mai Mat Gulaab Lekar Aana,
Meri Qabr Par Mat Chiraag Lekar Aana,

Bahot Pyaasa Hoon Barso’n Se Main,
Jab Bhi Aana Sharaab Lekar Aana...!!

 ~♥♥~

Maikhane Saje The






Maikhane Saje The, Jam Ka Tha Daur,
Jam Me Kya Tha Ye Kisne Kiya Tha Gaur.?

Jam Me Gum Tha Mere Armano Ka,
Aur Sab Kahe Rahe The Ek Aur, Ek Aur...!!

 ~♥♥~

Pyar Ke Liye Rishto Ki Zarurat Nahi Hoti







Pyar Ke Liye Rishto Ki Zarurat Nahi Hoti,
Baat Ke Liye Kisso Ki Zarurat Nahi Hoti,

Dil Ki Baat Agar Koi Samajh Jata To,
Ankho Ko Roone Ki Zarurat Nahi Hoti...!!

 ~♥♥~

Humne unke samne aana chhod diya






Humne unke samne aana chhod diya,
  Apni chahat ko jatana chhod diya,

Kyonki Jinki hansi par marte the hum,
  Unhone hume dekh kar muskurana chhod diya...!!

 ~♥♥~

Kaha koi aisa mila jispe dil luta dete







Kaha koi aisa mila jispe dil luta dete,
  Har ek ne dhoka diya kis-kisko bhula dete,

Apne dil ka dard dil hi mein dabaye rakhe hain,
  karte bayan to puri mahefil ko rula dete...!!

 ~♥♥~

Mai Shikayat Kyun Karun







Mai Shikayat Kyun Karun,
   Yeh To Kismat Ki Baat Hai…!

Teri Soch Mein Bhi Mai Nahin,
    Mujhe Lafz Lafz Tu Yaad Hai...!!

 ~♥♥~